
तेरे प्यार में दर्द दिया, वो दर्द ना भूल पाया,
तेरी मुस्कुराहट ने ही मेरी जान ही ले डूबी है।
तेरे हुस्न की नजाकत दिल को दहला रही है,
तेरी हर निगाहें मुझको दिल को जला रही है।
तेरी यादों का समंदर हर पल मुझे डुबोता है,
तेरा नाम लेते ही मेरा दिल फिर से रोता है।
रातों की खामोशी में तेरा चेहरा नजर आता है,
हर सपना बस मेरा ही तुझसे ही जुड़ जाता है।
तेरे बिना ये दिल अब कहीं भी लगता नहीं है,
तेरे सिवा कोई भी चेहरा अच्छा लगता नहीं है।
इश्क़ की राहों में बस ही तेरा ही तो सहारा है,
वरना ये टूटा दिल तो बस तेरा ही बेसहारा है।
तेरी बातों की मिठास अब कानों में गूंजती है,
तेरी हर एक हंसी ही मेरी रूह में बसती है।
तू पास नहीं फिर भी पास ही सा लगता है,
हर दर्द भी अब तेरा एहसास सा लगता है।
तेरे बिना ये जिंदगी अधूरी सी अब लगती है,
हर खुशी भी अब थोड़ी सी अधूरी सी लगती है।
काश तू समझ पाती मेरे इस हाल-ए-दिल को,
मैं आज भी जी रहा हूँ सिर्फ तेरी एक झलक को।
तेरी खामोशियों में भी अब जवाब ढूँढता हूँ,
तेरे हर इनकार में भी मैं अब ख्वाब ढूँढता हूँ।
दिल की गलियों में तेरा ही नाम अब बसा है,
हर धड़कन में बस तेरा ही एहसास अब छुपा है।
तुझसे दूर होकर भी तुझमें ही खोया रहता हूँ,
खुद को भी भूलकर बस तेरा ही हुआ करता हूँ।
ये इश्क़ नहीं तो और कौन सी ही बीमारी है,
जिसमें हर खुशी भी बस एक लाचारी लगती है।
तेरे बिना अब भी कोई राह नहीं दिखती,
तेरे बिना ये सांस भी अब भी नहीं टिकती।
हर मोड़ पे तेरा ही मेरा तो इंतज़ार रहता है,
हर सफर में तेरा ही मेरा तो प्यार रहता है।
टूटकर भी तुझसे ही जुड़ा ही रहता हूँ,
हर दर्द को भी हंसकर मैं ही सहता हूँ।
कभी तो लौट कर भी आ इस वीराने में,
वरना खो जाऊँगा मैं इस बेरूखी जमाने में।
तेरे बिना ये दुनिया सूनी सी लगती है,
हर खुशी भी मुझे अधूरी-सी लगती है।
मेरी मोहब्बत का हिसाब तू ही ले तू ही,
या इस दिल को अपने नाम कर ले तू ही।
तेरे नाम से ही मेरी ही सुबह होती है,
तेरे नाम से ही मेरी शाम ही तो होती है।
हर सांस में तेरा ही नशा ही भरा है,
ये दिल बस तुझी में ही हर वक्त फंसा है।
तू चाहे तो मुझे ही अपनाकर देख ले,
या फिर मुझे हमेशा के लिए ही छोड़ दे।
मगर ये दिल तुझसे ही ना कभी दूर होगा,
चाहे जमाना कितना भी मुझे मजबूर होगा।
मेरी मोहब्बत का ये अंजाम यही तो है,
तेरे बिना मेरी हर सुबह-शाम यही तो है।
मैं तेरा था, तेरा हूँ, तेरा ही अब ही रहूँगा,
तेरे इश्क की दुनिया में हर दुनिया मेरी बनी है।
रूपेश कुमार
चैनपुर, सीवान, बिहार












