
वैदिक ज्ञान से है सराबोर
विज्ञान का हर छोर
वेद प्राचीन ज्ञान का प्रमुख स्रोत
वेदों में विज्ञान के साथ-साथ विभिन्न प्रकार का ज्ञान सूत्र रूप में है मौजूद
वैदिक विज्ञान,वेदों पर आधारित
है ज्ञान की एक प्रणाली
वैदिक विज्ञान भारतीय संस्कृति का है अहम हिस्सा
वेद में विज्ञान के साथ-साथ सभी प्रकार का ज्ञान है विद्यमान
हमारा भारत देश वेद ज्ञान के कारण
विश्व गुरु कहलाता है
वेद विश्व के मौखिक एवं लिखित साहित्यों में प्राचीनतम प्रमाणिक
एवं वैज्ञानिक ग्रंथ रत्न है
अथर्ववेद में सूर्य को ऊर्जा हाइड्रोजन से मिलती है बताया गया है
अथर्ववेद में सूर्य की सात किरणें होने का वर्णन है
वेद विश्व के मौखिक एवं लिखित साहित्य में प्राचीनतम प्रमाणिक एवं वैज्ञानिक ग्रंथ रत्न हैं
वेदों में विज्ञान, चिकित्सा, कृषि, राजनीति, विज्ञान, काव्य, कला और संगीत विषयों का वर्णन है मिलता
वेदों में आयुर्वेद और हवन का है मिलता ज्ञान
जिसका है वैज्ञानिक दृष्टिकोण से
बहुत महत्व
सूर्य, चंद्रमा,बरगद, पीपल, तुलसी वैदिक भगवान में है समाहित
वेद ही विश्व बंधुत्व, विश्व कल्याण विश्व शांति वेद ही मानव मात्र के लिए विकास का मार्ग करता है प्रशस्त
डॉ मीना कुमारी परिहार










