
चाय की हर चुस्की में बसता,
मां के प्यार का मीठा संसार,
गोलू संग बैठी मां जब हँसती,
लगता मिल गया पूरा परिवार।
सुबह की पहली प्याली में,
ममता की खुशबू घुल जाती है,
मां के हाथों की बनी हुई चाय,
थकी रूह तक मुस्काती है।
गोलू कहे …
“मां, तेरे संग ये चाय नहीं,
जिंदगी का सबसे प्यारा पल है,”
तेरी गोदी में बैठकर लगता,
हर दुख जैसे पल में विफल है।
न पूछो कभी चाय में क्या राज है,
प्यार माँ का ही तो सबसे मीठा है।
कैफे की कॉफी लाख महंगी सही,
पर माँ के हाथ की चाय अनमोल है,
अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस पर,
बस इतनी सी दुआ हमारी,
हर घर महके मां की चाय से,
और बनी रहे ये प्रेम की क्यारी।
सभी को अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं जी
नेहा कुमारी












