Uncategorized
Trending

दिलों के रिश्ते

विधा : पद्य

मन के रिश्ते बहुत मिलते ,
दिल के रिश्ते मिलते कम ।
मन के रिश्ते क्षीण हैं होते ,
दिल के रिश्ते बहुत नम ।।
मन के रिश्ते तो रिस जाते ,
दिल के रिश्ते नहीं रिसाव ।
मन के रिश्ते रास्ते टेढ़े मेढ़े ,
दिल के रिश्ते में न दाॅंव ।।
मन के रिश्ते धोखे है देता ,
सुंदर रिश्ते वह खोता है ।
मन को फर्क कुछ न होता ,
पर दिल बेचारा रोता है ।।
दिल रिश्ते खूब है परखता ,
तभी निज हाथ बढ़ाता है ।
नकली रिश्तों से दूर होता ,
सोच समझ अपनाता है ।।
दिल जानता दिल की बात ,
दिल बनाए पावन संबंध ।
दिल से दिल के रिश्ते में ,
कभी नहीं कोई अनुबंध ।।


अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )
बिहार ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *