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बुजुर्गों का सम्मान
मेरे दादा जी की लाठी बोले,जीवन अकेला चलता नहीं।और दादी के पल्लू का सिक्का बोले,बिन पैसे के कुछ मिलता नहीं।…
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धरती मां के अमर सपूत
धरती मां के आंख के तारे,भारत के है राजदुलारे,वे राजदुलारे थे,जो स्वतंत्रता के दीप जलाते थे,धरती मां के चरणों में,सदा…
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मोह
मोह मन का सूक्ष्म जाल है,मोह ही जीवन का बवाल है।मोह सच्चाई से दूर करता है,मोह ही दु:ख का कारण…
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धुंध में घिरा सवेरा
युद्ध की लपटों में घिरा देश का आने वाला कल,मजहबी धुंध ने भी कर दिया है आसमान धुंधल।जहाँ उम्मीदों के…
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अब मैं उम्र के उस मोड़ पर हूँ…
विषय- उम्रविधा- कविता अब मैं उम्र के उस मोड़ पर हूँ कि फिर से एक बच्ची बन जाना चाहती हूँ।…
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चरित्र पर उंगली
अच्छा सिला दिया मेरी वफाओं काक्या रंग दिखाया इतने सालों की मेहनत काकर दिया बदनाम मेरी तपस्या कोपर तुझे देर…
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इच्छा शक्ति
मानव उन्नत शिखर को पानाजीवन में सफलता को पानायश और प्रतिष्ठा को पानागौरव और सम्मान को पानाये सभी इच्छा शक्ति…
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जनकनंदिनी की महिमा से गुंजायमान २४६वीं कल्पकथा काव्यगोष्ठी; श्रद्धा, सरसता और साहित्य का अनुपम संगम
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
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गीत
प्रिय, मेरे इधर भी आ जाना।नजरों से नजर मिला जाना।।दुनियां की बातें छोड़ तुम,बस मुझको दरस दिखा जाना।।प्रिय मेरे इधर…
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आलोचनाओं से सुधार होता है
किसी को माफ़ किया जाता है,पर विश्वास नहीं किया जाता है,उसे और उसका व्योहार भूलकर,जीवन में आगे बढ़ जाया जाता…
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