
आसमान पर छाना होगा
जिद से जिद कर पाना होगा
आज नही बहाना होगा
हर मुश्किल डट जाना होगा
जब याद कोई सताए
राधे श्याम बोलिये
जब रूखा जीवन काटे
सीताराम बोलिये
जीवन का अफसाना है
रोते रोते हँस जाना है
माया का फसाना है
बाकी सब बहाना है
जब कुछ भी समझ ना आये
सीताराम बोलिये
जब मन मूरख घबराये
सीताराम बोलिये
सीताराम बोलिये
सीताराम बोलिये
जब मन दीपक फड़फड़ाये
तम की कालिमा छाए
राधेश्याम कहिए
अपनों से धोखा खाये
जब कुछ कुछ हो जाये
राधेश्याम बोलिये
सीताराम बोलिये
राधेश्याम बोलिये
मन तोता चिल्लाये
सीता राम बोलिये
राधेश्याम बोलिये
जब निद्रा ना आये
सीताराम बोलिये
डॉ दीपक गोस्वामी











