
मधुर माधव मेरा सखा, तुझ बिन सूना संसार।
तुम ही हो मेरा आधार, तुम ही हो संसार॥
तुम हो गोविंद, कन्हैया, बंसी वाले प्यारे।
राधा के मन के राजा, तुम ही मेरे सहारे॥
माखन चुराने वाले, नटखट प्यारे श्याम।
तेरे दर्शन से मिलती, मन को सुकून की धाम॥
तेरे नाम से बंधा जीवन, तेरे प्रेम का रंग।
माधव तेरी भक्ति से, हर दिन हो रंग-बिरंग॥
मधुर माधव मेरा सखा, तुझ बिन सूना संसार।
तेरे चरणों में जीवन मेरा, बस तू ही मेरा यार॥
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र











