
संघर्ष क्या था पापा एक नाम था दृण मन कर्मठ जीवन ये एक पहचान था
हारे हारकर दुखों को जीतना ये मान था
संघर्ष क्या था पापा एक नाम था
आप सादगी और गम्भीरता की अखंड मूरत थे जिम्मेदारियों की भरपुर जरूरत थे खेलने की उम्र मे अपने परिवार को पालने की सूरत थे
खुद को ढालते हुए दूसरो का जीवन तराशना आप ईमान था संघर्ष क्या था पापा एक नाम था
जीवटता की मिसाल थे
पापा आप कमाल थे
भवसागार की आंधी मे निष्काम निष्कपट ज़िन्दा एक इन्सान थे तुलना नही जिसकी वो एक इन्सान था
संघर्ष क्या था पापा एक नाम था
साधुत्व आपका कर्म महान था
मन कर्म वचन सद ईमान था
प्रेम एक जीता जागता सम्मान था सहनशीलता सागर समान था
रत्न जड़ित आभूषण समान था संघर्ष क्या था पापा एक नाम था संघर्ष क्या था पापा एक नाम था
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











