Uncategorized
Trending

योग बिना काया मैली

योग न खेती ऊपजै योग न हाट बिकाय
साधक साधना से ब्रह्मकमल सा खिल जाय
नित नियमित योग है सब सुखों की खान
साधक बन करे चित, वृति, इंद्रिय संधान
सुबह सवेरे स्वच्छ वायु में ले नाम भगवान
अहंकार को तज कर लगा श्वास पर ध्यान

पहला सुख जीवन का रहे निरोगी काया
ऋषि मुनियों की साधना रही योग की माया
तन हर्षित ,उल्लासित मन करता योग ज्ञान
नौकासन प्रतिदिन करें मन लगाकर ध्यान
मधुमेह जैसा रोग कटे निश्चित इसको मान
सूर्य नमस्कार की बारह क्रियायें हैं योग वरदान
सकल रोग इनसे कटें करें सर्व रोग निदान
हलासन ,चक्रासन, ताडासन, सर्वांगासन
शवासन, वृक्षासन ,भुंजगासन.शलभासन
सभी गृहस्थ जीवन के सुखमय की खान
योग प्रभाव तब करे जब हो उचित खानपान।

गोवर्धन थपलियाल

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *