
प्रेम कहा महंगे गिफ्ट मांगता है..
प्रेम तो वक्त मांगता है…
तमाम व्यस्तता के बीच
ये कहना तुम याद आ रहे हो
मांगता है..
चाय पीते वक्त उसका ख्याल
साथ में चाय पीना मांगता है..
बेवजह call व I love you बोलना मांगता है..
थाम ले उन हाथों को जो
छूट रहे है
प्रेम साथ मांगता है..
दौलत शोहरत को तवज्जों
देते है,
इश्क तो बस प्रेमी का दीदार मांगता है..।।
सुनीता की कलम से
सुनीता नलवाया ,शिक्षिका, लेखिका.. पिंडवाड़ा,सिरोही राजस्थान












