महिलाएं परिवार में अनेक प्रकार की भूमिका निभाती है। महिलाओं में विश्वास दूरदर्शिता, उत्साह होता है। प्रतिनिधित्व करने की सभी चुनौतियों का सामना करती है। महिलाएं सभी चुनौतियों को स्वीकार करती हैं। ऐसी महिलाएं जो समाज हित में कार्य करती है उनको समाज देश और देश काल हमेशा के लिए याद रखता है। महिला नेतृत्व का उद्देश्य है कि महिलाओं को सशक्त बनाया जाए उनमें आत्मविश्वास जगाना है ताकि वे सरकारी व्यवस्था जैसे बैंकों और अन्य स्तरों पर मध्यस्थों के साथ व्यवहार करें। महिलाओं में जन्मजात नेतृत्व का गुण पाया जाता है
प्रसिद्ध अमेरिका धार्मिक नेता ब्रिंघम यंग ने कहा था कि जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं तो आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं। जब आप एक महिला को शिक्षित करते हैं तो आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं। महिलाओं की आज समाज में एक अलग ही भूमिका है। बहुत ही सराहनीय महिलाओं के द्वारा कार्य किया जा रहा है।निरर्थक का अर्थ है जिसमें कोई व्यक्ति सामाजिक प्रभाव के द्वारा अन्य लोगों की सहायता प्राप्त करते हुए एक विशिष्ट कार्य करता है। महिलाओं में भी नेतृत्व करने की भावना पाई जाती है।महिलाओं में सहानुभूति पाई जाती है।
महिलाएं किसी भी मॉडल जैसे की फूलन देवी,हिमा दास,श्रीमती इंदिरा गांधी,झांसी की रानी, प्रतिभा पाटिल, कल्पना चावला, सावित्री बाई फूले,सरोजनी नायडू,अनुसुइया आदि मॉडल के रूम में महिलाएं काम कर सकती हैं। मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि सावित्रीबाई फुले ने सबसे पहला लड़कियों को पढ़ाने के लिए खोला था।ऐसी महान नारी को मैं कोटि-कोटि नमन और वंदन करता हूं। वीरांगना झलकारी बाई ने भी अंग्रेजों से युद्ध किया और भारत देश की रक्षा करने में अपना जीवन अर्पित कर दिया। अवंती बाई रानी लोधी ने भी भारत छोड़ो की महान क्रांति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अवंती बाई रानी लोधी रामगढ़ मध्य प्रदेश की महान वीरांगना थी। उदा देवी भी एक बहुत बड़ी क्रांतिकारी महिला थी। यह सिकंदराबाद लखनऊ की रहने वाली थी जिसने कपड़े बदलकर मर्दों की ड्रेस पहन लेती थी और दुश्मनों की युक्ति को जान ने का प्रयास करती थी। सन 1857 इसी में उदा देवी ने अंग्रेजों के 32 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया।1857 के विद्रोह में वीरगति को प्राप्त हो गई वीरांगना महाबिरी देवी महान वीरांगनाओं में एक थी।जो मुजफ्फरनगर जिले उत्तर प्रदेश भारत में मुजफ्फरनगर जिला उत्तर प्रदेश का भाग है। वीरांगना महाबिरी देवी ने भी अंग्रेजों में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे ।और एक दूसरे को भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं पहले भारत में महिलाओं की दुर्दशा बहुत शोचनीय थी। आज भारत में ही नहीं संसार के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का चक्र कार्य कर रहा है।आज प्राय ये दिखने को मिल जाता हैं कि बालिकाएं शिक्षा के अधिकार से वंचित है।क्योंकि लड़कियों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती इस प्रकार लड़कियां अपने कार्य में करने में असमर्थ हो जाती है। महिलाएं घरेलू माता के रूप में,पत्नी के रूप में ,बेटी के रूप में और बहन के रूम में कार्य करती दिखाई देती है। महिलाओं की शिक्षा में सुधार होना चाहिए क्योंकि महिलाएं आज शिक्षा के सभी क्षेत्रों में सक्रिय हो रही है महिला नेतृत्व क्यों जरूरी है आइए इस पर प्रकाश डालते हैं महिलाओं महिला नेतृत्व होना चाहिए जिससे कि महिलाएं आपस में एक दूसरे के सहयोगी बने और एक दूसरे से सीखते रहे। महिलाओं को शासन की बागडोर की जिम्मेदारी भी हम सबको देनी चाहिए। यदि हम महिलाओं को शासन की बागडोर की जिम्मेदारी देंगे तो कुछ नए इतिहास बनेंगे। सभी देशवासियों को कुछ नया सीखने को प्राप्त होगा।
स्वरचित और मौलिक आलेख
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सुनील कुमार खुराना
नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश