
खुर्जा, 5 जुलाई अप्रैल 2026
कपिलश फाउंडेशन के बैनर तले कपिलश साहित्यकार समिति, खुर्जा शाखा द्वारा नगर के हरी शिशु सदन विद्यालय (कपिल जी के निवास स्थान)में एक गरिमामयी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति के स्थानीय सदस्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन का कार्य राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. साधना अग्रवाल ‘साधिका’ एवं राष्ट्रीय महासचिव जय किशन ‘जय’ एवं खुर्जा नगर शाखा अध्यक्ष ‘रूद्राणी’ पूनम शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया। इसके पश्चात मां शारदे के चरणों में पुष्प अर्पित कर सभी मौजूद सदस्यों ने आशिर्वाद लिया,और मां सरस्वती की वंदना के मधुर स्वर से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती लक्ष्मी कनोडिया जी ने किया। गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकारों एवं रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉ. साधना अग्रवाल ‘साधिका’ ने ‘बत्ती हुई जो लाल, नजारा बदल गया’ शीर्षक रचना प्रस्तुत की, वहीं जय किशन ‘जय’ ने अपनी चर्चित रचना ‘चिंता और चिता’ का सजीव पाठ किया। ‘रूद्राणी’ पूनम शर्मा ने अपनी भावपूर्ण ग़ज़ल ‘बारिश की नर्म बूँद थी दीवार पर गिरी,एक बेसदा-सी चोट का हिस्सा रही हूँ मैं।’ सुनाकर सराहना प्राप्त की।
गवेंद्रपाल सिंह ‘सफर’ ने ऐ सफर अगर वो साथ साथ राहों में, जिंदगी का हर लम्हा ईद है दिवाली है’ ग़ज़ल प्रस्तुत की, जबकि बुद्धपाल सिंह ‘सजग’ ने ‘दीवाना बन दीवार न बन’ के
श्रीमती स्वाती गोयल ने गीत ‘समझ नहीं आता कि किसको पकडें ,किसे छोड़ दूं , श्रीमती मीनू गुप्ता जी ने ‘नाग देवता का दर्द’ डॉ विश्वंभर दयाल अवस्थी जी ने ‘हे पितृदेव तुमको प्रणाम ‘ आदरणीय कपिल तिवारी जी ने अपनी सुरीली आवाज में मुकेश कुमार जी का गीत ‘सजन रे झूठ मत बोलो ‘के माध्यम से श्रोताओं को प्रभावित किया।और वहीं श्रीमती लक्ष्मी कनोडिया जी ने ‘रोते हुए मां-बाप, जिंदगी मुस्कुरा के बोली, जीना सीख गया, मेरी चाहत, ख्वाहिशों का शहर’ को सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
सभी रचनाकारों की प्रस्तुतियाँ अत्यंत सराहनीय रहीं और उपस्थित श्रोताओं ने उन्हें भरपूर सराहा। कार्यक्रम में साहित्यिक वातावरण अत्यंत ऊर्जावान एवं प्रेरणादायक बना रहा।
इस अवसर पर बुद्धपाल सिंह ‘सजग’, गवेंद्रपाल सिंह ‘सफर’, डॉ. साधना अग्रवाल ‘साधिका’, जय किशन ‘जय’, ‘रूद्राणी’ पूनम शर्मा ,डॉ विश्वंभर दयाल अवस्थी,कल्पना तिवारी, कपिल तिवारी,लक्ष्मी कनोडिया, स्वाती गोयल, मीनू गुप्ता सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
अंत में नगर शाखा अध्यक्ष ‘रूद्राणी’पूनम शर्मा ने सभी के आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए एक सफल आयोजन की सभी को हार्दिक बधाई प्रेषित कर गोष्ठी के समापन की घोषणा की गई।













