
चॉकलेट केवल स्वाद नहीं,
खुशियों का एक एहसास है।
थके हुए मन को सुकून दे,
मुस्कानों का मधुमास है।
जब मन हो थोड़ा उदास,
या भावनाएँ हों बेक़रार,
डोपामिन का संचार कर,
भर देती है मन में प्यार।
मूड स्विंग में देती राहत,
तनाव को करती है कम।
प्राकृतिक पीड़ा के क्षणों में भी,
बन जाती है मधुर मरहम।
पर याद रहे, हर चीज़ की
होनी चाहिए एक सीमा।
संयम से जो इसका सेवन करे,
मिठास बने उसकी गरिमा।
विश्व चॉकलेट दिवस पर आइए,
रिश्तों में प्रेम की मिठास घोलें।
हर चेहरे पर मुस्कान सजाएँ,
और खुशियों के दीपक बोलें।
श्री ठाकुर, देवघर (झारखंड













