
दिन शिवजी का सोम है,मन में लीजिए धार।
हर ईच्छा पूर्ण करें,गौरी के भरतार।।
मंगल को मंगल करें,राम भक्त हनुमान।
खाया फल समझ जिसने, बचपन में दिनमान।।
सुध बुध को ही लीजिए, जो चाहो कल्याण।
विजय मिले हर हाल में,बचते खुद के प्राण।।
नमन करे गुरुदेव को,मन से शीश नमाय।
हर सवाल का हल मिले, राह सुगम हो जाय।।
शुक्रवार सुख शांति मिले। रहिए न कभी उदास।
सबसे प्रेम ले मिलिऐ,
क्या दूजा क्या खास।।
शनि मनी नही वापरे, धन इज्जत आधार।
दान धर्म कि नाव चढ़े,होगें भव से पार।।
रवि प्रकाश ओषध बड़ी, करती तन उपचार।
तन बल मन को तेज दे, हरती कष्ट विकार।।
गीतकर मनोहर मधुकर 08=07=26













