Uncategorized
Trending

मैं बन गया विधायक –

वीर रस संस्करण
कविता


हां मैं खलनायक नहीं नायक हुं
हां मैं बहुत बड़ा नालायक हूं
क्यों की मैं बन गया विधायक
लोगों कि नजरों में मैं कुछ हूं लेकिन अपने आपको सबित करता नायक
लोग मानते हैं मुझे नालायक
गरज कर कहता हूँ, हाँ मैं ही हूँ असली खलनायक
हां मैरे सीने में धधकती ज्वाला धन वैभव यश अर्जित, मैं हूँ डॉन माफिया
मेरे नाम से ही काँपते लोग, मैरे समर्थकों के गले में रहती सफेद की साफिया

हुक्म मेरा ही चलता है, अपने विधानसभा के क्षेत्र में
दारू की दुकान खोलता हूं में अपने विधान सभा क्षेत्र में
विकास के गीत नहीं, अब रण का बिगुल बजा रहा हूँ
सिंहासन पर फिर बैठने का सपना नहीं, एलान सज़ा रहा हूँ
दागी कहे मुझे जमाना, पर मेरा इतिहास गवाह है
नेताओं की मंडली में अब मैं रावण का रोल निभा रहा हूँ

छवि बिगाड़ने चले थे जो, उनकी छाती पर चढ़ा हूँ
अब तलवार की धार से, देश भक्ति का रंग गढा हूँ
मस्ती नहीं, ये मेरा रण-उन्माद है
विधानसभा नहीं, ये तो मेरा कुरुक्षेत्र का निषाद है
कोई माई का लाल नहीं जो अब मुझको हरा सके
जब तक साँसो में तूफ़ान है, मेरी डफली मैरा राग गा सके

सफ़ेद कुर्ता है, पर लहू से लाल दागदार है दामन मेरा
मंच पे हाथ जोड़ूँ, पर खड्ग उठे जब होवे सबेरा
जनता की थाली खाली? तो छीन लूँगा तख्तो-ताज
भाषण नहीं, अब शस्त्र से लिखूँगा नया अंदाज
थाने से लेकर ब्लॉक तक, मेरी एक हुंकार से हिलें
कानून की किताबें भी मेरी माद में मिलें

कवि था तो शब्दों के तीर चलाता था
अब सत्ता का चक्रव्यूह, अकेला भेद जाता हूँ
पहले कलम चुभती थी, अब मेरी नज़र से अंगारे बरसें
मेरे नाम का डंका बजे, दुश्मन के कलेजे दरकें

तिरंगा ओढ़कर जब रण में उतरूँगा
सौ-सौ शीश झुकेंगे, जब मैं गर्जूगा
वोट नहीं, अब जीत का परचम लहराऊँगा
लोकतंत्र के सिंहासन पर, खड्ग ठोक के आऊँगा
क्योंकि खलनायक ही अब महाकाल बनकर आया है
ये कलयुग का रखवाला, श्मशान से उठकर आया है

यह रणभेरी है सत्ता के सिंहासन पर,
जहाँ कवि मरता है, और खलनायक जिंदा होता है।
लेकिन अफसोस चम्बल के किनारे वाले गांव का दमन किया
आखिर उन गांवों को मैंने आज तक क्या दिया
कहीं गांवो को मै श्मशान तक नहीं दे पाया
चम्बल नदी के किनारे वाले गांवों को अभावों मैं किचड गंदगी और देख न पाया
मैंने जोड़ी हैं अपने आप लिए धन और माया

गोपाल जाटव विद्रोही खड़ावदा तह गरोठ जिला मन्दसौर मध्यप्रदेश भारत देश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *