Uncategorized
Trending

सिमट के रह जाती है यारों जिंदगी

सिमट के रह जाती है यारों जिंदगी,
जब कोई अपना नजर नहीं है आता|
दिल टूट ही जाता है अक्सर दोस्तों,
जब कोई अपना साथ नहीं निभाता |

कहने को तो सभी अपने हैं यहां पर,
पर बुरे वक्त में कोई साथ नहीं आता|
मौसम की तरह बदल जाते सब यहां,
कोई हाल-चाल पूछने तक नहीं आता|

खामोश हो जाता है यह मन मेरा भी,
किसी से कुछ फिर कह नहीं पाता|
दिल की भावनाओं का कोई मोल नही,
मन को मेरे कोई समझ ही नहीं पाता |

मतलबी दुनिया हो गई है आजकल,
हर कोई झूठा प्यार है यहां दिखाता |
रिश्तो का कोई मोल ही नहीं रहा अब,
पैसों से ही सबका हो गया है यहां नाता |

कवि राजेंद्र कुमार वर्मा
कोटा राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *