
अभी तो मैंने आपके
लफ्जों में समेटी हूं
अभी तो मेरे पूरे वजूद में
आपका सफर बाकी है!
जिसे आप मेरी शायरी
समझते हो वह मेरी अधूरी
शिकायत है आपसे
कभी आप ख्वाबों में होते हो
कभी आप रातों में होते हो
दिखाई देते नहीं लेकिन
हर एक लम्हा साथ होते हो!!
एक लहर आपके ख्यालों की
मेरे पूरे वजूद को भिगो जाती है
एक बूंद बारिश की मुझे आपके
इश्क के दरिया में डुबो जाती है
आप कौन हैं पता नहीं
पर आपके होने की खुशबू मुझे
कुछ खास बन जाती है!
न जाने कौन सी खूबी से बनाया है
ऊपर वाले ने आपको
आपकी तस्वीर से ही
आपकी अच्छाई नजर आ जाती
है!!
संगीता सिंह













