स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत संघर्षों, बलिदानों और त्यागों को स्मरण करने का दिन है, जिनकी बदौलत हम आज स्वतंत्र भारत में साँस ले रहे हैं। यह उस संकल्प को दोहराने का अवसर भी है, जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आज़ादी के लिए लिया था।
आज हम अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए नई पीढ़ी को उससे जोड़ने की जिम्मेदारी भी समझें। हमारे युवा, विद्यार्थी, शिक्षक और हम सभी अपने इतिहास को जानें, उस पर गर्व करें और उसकी रक्षा तथा उसके मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए वास्तव में हम अपनी भारतीयता का उत्सव मनाते हैं। भारत अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और विविधताओं से भरा देश है, फिर भी हमारे भीतर कुछ ऐसा समान है जो हमें एक सूत्र में पिरोता है। यही एकता और समानता हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
हमारी स्वतंत्रता का संघर्ष लंबा और कठिन रहा। अनेक क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व त्याग दिया और देश की अखंडता तथा स्वाधीनता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। परिवार से समाज, समाज से राष्ट्र और राष्ट्र से विश्व-कल्याण की भावना तक हमारी यात्रा हमें यही सिखाती है कि सच्ची स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान राष्ट्रनायकों का साहस, स्वाभिमान और देशभक्ति आज भी राष्ट्रीय चरित्र को जागृत करने की प्रेरणा देता है। स्वतंत्र भारत की यात्रा में लाल किले से जुड़े अनेक ऐतिहासिक प्रसंग और राष्ट्रीय चेतना के स्वर हमारी स्वतंत्रता की स्मृतियों को और भी विशेष बनाते हैं।
स्वतंत्रता की मंगल स्वर-लहरियाँ आज भी हमें यही संदेश देती हैं कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, कर्तव्य भी है।
आज हमारे सामने पर्यावरण की नई चुनौतियाँ भी हैं। जल, मिट्टी, वायु, जीव-जंतु और जैव-विविधता—ये सभी केवल हमारे उपयोग के साधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। इसलिए हमें इनके संरक्षण के प्रति सजग रहना होगा। दुनिया के संसाधन केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि सबके लिए हैं; प्रकृति और उसके संसाधनों के प्रति हमारी सोच भी इसी व्यापक भावना से जुड़ी होनी चाहिए।
आइए, आज हम साथ-साथ चिंतन करें, साथ मिलकर ज्ञान का सृजन करें और ऐसा भारत बनाने का संकल्प लें, जिससे पूरे विश्व का कल्याण हो। अपने अतीत से प्रेरणा लेकर वर्तमान को बेहतर बनाना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध, स्वच्छ और सशक्त भारत छोड़ना ही स्वतंत्रता का सच्चा सम्मान है।
स्वतंत्रता की इस पावन बेला पर देश के सभी वीर सेनानियों, स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और उनके बलिदानों को कोटि-कोटि नमन।
आप सभी को एवं आपके परिवारजनों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आइए, राष्ट्र की एकता, अखंडता, शांति, प्रकृति-संरक्षण और प्रगति के लिए मिलकर अपना योगदान दें।
भारत माता की जय! 🇮🇳
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
श्री ठाकुर, देवघर, झारखंड











