
राखी क्यों जरूरी है सुनो मेरे यार,
ये ही तो है भारत का सच्चा संस्कार।
एक धागे में बंधा है सारा परिवार,
भाई-बहन का है ये अटूट प्यार।
ये त्यौहार नहीं केवल रस्म निभाना,
बहन को गले से लगा कर हँसाना।
भूली हुई यादों को फिर से जगाना,
रूठी बहन को प्यार से मनाना।
आज की दुनिया में जब रिश्ते टूट रहे,
स्वार्थ के कारण बंधन छूट रहे।
भाई-भाई में दीवारें उठ रही,
तब राखी ही तो पास बुला रही।
ये कच्ची डोरी बड़ी मजबूत होती,
हर मुसीबत में ढाल बनती होती।
बहन की आँख में आँसू न आने देती,
भाई को अपना फर्ज सदा याद दिलाती।
नारी का सम्मान सिखाती है राखी,
सुरक्षा का एहसास दिलाती है राखी।
बेटी बचाओ का संदेश लाती है राखी,
हर घर में खुशहाली लाती है राखी।
बचपन की लड़ाई याद दिलाती है,
गुड़िया के ब्याह की बात बताती है।
माँ के आँचल की महक लाती है,
पिता के दुलार की झलक दिखाती है।
सावन की घटा जैसे बरसती है,
वैसे ही राखी खुशियाँ बरसाती है।
आंगन में फिर से हँसी गूंजती है,
थाली में कुमकुम रोली सजती है।
परदेश बैठे भाई को रुलाती है,
बहन की चिट्ठी उसे याद आती है।
एक धागा सौ कोस से खींच लाता है,
भाई दौड़ा-दौड़ा घर आ जाता है।
भाई कहता बहना तू घबरा मत,
तेरे होते मैं कभी डरता नहीं।
तेरी राखी का मान रखूँगा सदा,
तेरा विश्वास कभी टूटने दूँगा नहीं।
इसलिए जरूरी है राखी का त्यौहार,
रिश्तों में घोले ये मीठा सा प्यार।
भाई-बहन का प्रेम रहे बरकरार,
यही है राखी का सच्चा सार।
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला अमन सनातनी
सावनेर, नागपुर, महाराष्ट्र













