हिंदी राष्ट्र भाषा सम्मान–2026 से सम्मानित हुए देश के विभिन्न राज्यों के साहित्यकार एवं हिंदी सेवक

हैदराबाद। हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन, भारतीय संस्कृति के संवाहन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से “हिंदी राष्ट्र भाषा सम्मान–2026” प्रदान किया गया। इस सम्मान अभियान का संदेश “भाषा से बनेगा भारत — एक भाषा, एक भावना, एक भारत” रखा गया है।
इस सम्मान के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों से साहित्य, शिक्षा, हिंदी सेवा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्वों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। सम्मानित प्रतिभाओं में ज्ञान प्रकाश मिश्र ‘ज्ञान’ (लखनऊ, उत्तर प्रदेश), राजेंद्र शंकर मिश्र—विद्यावाचस्पति (लखनऊ), डॉ. रंजना द्विवेदी—विद्यावाचस्पति (लखनऊ), डॉ. अशोक कुमार जाटव—व्याख्याता (भोपाल, मध्य प्रदेश), अरुण दिव्यांश (डुमरी अड्डा, छपरा-सारण, बिहार), अशोक सुमन (भवानी मंडी, राजस्थान), अमन रंगेला (नागपुर, महाराष्ट्र), डॉ. नागेंद्र त्रिपाठी (गाजियाबाद/वाराणसी, उत्तर प्रदेश), मुन्ना राम मेघवाल (कोलिय, राजस्थान), रीना पटले (सिवनी, मध्य प्रदेश), कौशल (छत्तीसगढ़), योगेश गहतोड़ी ‘यश’ (नई दिल्ली) तथा अनिता मिश्रा दुबे—विद्यावाचस्पति (हैदराबाद) शामिल हैं।
सम्मान पत्र के माध्यम से हिंदी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और साहित्यिक-सामाजिक योगदान के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। अभियान का उद्देश्य हिंदी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ भारतीय भाषाओं, साहित्य और संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना है।
इस अवसर पर संस्थापक डॉ. गुंडाल विजय कुमार ने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी के संरक्षण और साहित्य सृजन में सक्रिय प्रत्येक रचनाकार का योगदान महत्वपूर्ण है। भाषा और साहित्य के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए।
दिनांक: 15 सितंबर 2026
स्थान: हैदराबाद, तेलंगाना
संस्थापक: डॉ. गुंडाल विजय कुमार













