भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा इटावा ने संस्कृति सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित की अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता

भगवान दास शर्मा “प्रशांत”
संवाददाता इटावा।
भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा इटावा ने संस्कृति सप्ताह के अन्तर्गत द्वितीय दिवस अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता आयोजित की। मुख्य अतिथि श्री गोविन्द माधव शुक्ल वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार और विशिष्ट अतिथि श्री मुन्नालाल वर्मा पूर्व प्रांतीय महासचिव, शाखा अध्यक्ष हरी शंकर त्रिपाठी, सचिव नन्द कुमार यादव, कोषाध्यक्ष विवेक रंजन गुप्ता, संस्कृति सप्ताह प्रभारी श्रीमती इंदु कुलश्रेष्ठ और प्रतियोगिता प्रभारी नरेंद्र बहादुर सिंह कुशवाह की मंच पर गरिमामयी उपस्थिति रही। निर्णायक मंडल में कवि शिवगोपाल अवस्थी, कवि सुनील अवस्थी और कवि प्रशान्त कुमार ने निर्विवाद निर्णय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानन्द के चित्रों पर मुख्य अतिथि गोविन्द माधव शुक्ल एवं विशिष्ट अतिथि मुन्नालाल वर्मा सहित मंचासीन दायित्वधारियो ने माल्यार्पण करके दीप प्रज्ज्वलित किया। सभी उपस्थित लोगों ने वन्देमातरम का सस्वर गायन किया। सह संयोजक भारत सिंह शाक्य व श्रीमती शैलजा पाठक ने अतिथियों सहित सभी लोगों के मस्तक पर रोली चावल लगाकर स्वागत किया । सप्ताह प्रभारी दाऊ दयाल वर्मा, आशाराम मिश्रा,ए. पी. एन.दुबे,शिवहरि दीक्षित, ओम नारायण शुक्ल, संजय मिश्रा एवं श्रीमती शैलजा पाठक ने अतिथियों को पट्टिका पहना कर स्वागत किया। शाखा अध्यक्ष हरी शंकर त्रिपाठी ने मंचासीन अतिथियों का परिचय देते हुए सभी का स्वागत किया। परिषद् के वरिष्ठ सदस्य ए. पी . एन.दुबे ने भारत विकास परिषद् के स्थापना और उद्देश्य की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्य अतिथि गोविन्द माधव शुक्ल जी ने उपस्थित छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्रों को पढ़ने बैठने से पूर्व तुलसीदास द्वारा रचित चौपाई-
गुरु गृह पढ़न गए रघुराई, अल्पकाल विद्या सब पाई l को पांच बार अवश्य पढ़ना चाहिए इससे वह कठिन से कठिन पाठ को भी आसानी से समझ सकते हैं एवं अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे । उन्होंने चौपाई के माध्यम से उपस्थित लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी एवं परिषद् के कार्यों की सराहना की ।विशिष्ट अतिथि मुन्नालाल वर्मा ने बच्चों की अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता को देखकर अपने बचपन को याद किया। इन प्रतियोगिताओं के आयोजन से बच्चों की प्रतिभाएं निखरती हैं। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने भी इस अवसर पर सुंदर कविताएं प्रस्तुत की और परिषद् की प्रशंसा की। पूर्व क्षेत्रीय गतिविधि संयोजक सेवा विवेक कुलश्रेष्ठ जी ने निर्णायकों की भूमिका की प्रशंसा की और प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए – कनिष्ठ वर्ग – आस्था राजपूत पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल प्रथम , ख़ुशी तिवारी राजकीय बालिका इंटर कालेज द्वितीय ,अनन्या राजकीय बालिका इंटर कालेज तृतीय , अंशिका गोयल पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल तृतीय स्थान और
वरिष्ठ वर्ग में अंजलि राजकीय बालिका इंटर कालेज प्रथम, प्रियांशी शर्मा राजकीय बालिका इंटर कालेज द्वितीय और उन्नति पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल तृतीय एवं श्रेयांशी शर्मा पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल तृतीय स्थान प्राप्त किए। सभी विजेताओं को 04 अक्टूबर को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। मुख्य अतिथि को डॉ राजेश किशोर त्रिपाठी(पूर्व प्राचार्य), विशिष्ट अतिथि को बी.पी.श्रीवास्तव और निर्णायकों को आशाराम मिश्रा, एस . एन.चौधरी, भारत सिंह शाक्य,ओम नारायण शुक्ला, राजीव लोचन दीक्षित और उमा शंकर दीक्षित ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर परिषद के सदस्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं और अभिभावक गण उपस्थित रहे। आभार शाखा अध्यक्ष हरी शंकर त्रिपाठी द्वारा और कार्यक्रम का संचालन कुलदीप कुमार कश्यप द्वारा किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सभी उपस्थित लोगों एवं छात्रों को स्वल्पाहार कराया गया।












