
कविता
आज ही जिंदगी है,
थौड़ा हंस कर गुजार ले,
कल का क्या भरोसा जिंदगी में,
हम दुबारा कल मिले ना मिले,
आज का दिन ही सब काम कर लें,
कुछ काम कल पर बाकी न रखें,
दो बोल प्यार में हरेक से,
सुकून से तुम सबसे बोला करो,
अच्छे दोस्त ,अच्छे रिश्तेदार और अच्छे पड़ोसी ,
इतने अच्छे सम्बन्ध हमें जिंदगी में मिले ना मिले,
सामने वाले भले ही ना माने तुमको,
तुम ही निभाना सिख लो ,
बचपन गया, जवानी भी चली जाएगी,
बाकी की जिंदगी में,
इतना समय फिर मिले ना मिले।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)












