
कविता
गुरु हैं दीपक ज्ञान के, अज्ञान तिमिर हरते हैं,
अपने संस्कारों से वे, जीवन-पथ संवरते हैं।
निष्ठा, समर्पण, नवाचार से शिक्षा को निखारा है,
हर विद्यार्थी के सपनों को, मंजिल तक पहुँचाया है।
श्री हरनारायण कुर्रे जी ने, शिक्षा का मान बढ़ाया,
कर्तव्य-पथ पर चलकर, आदर्श शिक्षक कहलाया।
शाला से समाज तक उनका, सेवा-संदेश निराला है,
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का, सुंदर उजियाला है।
दर्शन बालोद मीडिया संस्थान ने सम्मान सजाया है,
आयोजक दीपक कुमार यादव ने, गुरु-गौरव बढ़ाया है।
नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन (NTCF) का साथ सुहाना,
प्रायोजक अरुण कुमार साहू जी ने, बढ़ाया सम्मान का खजाना।
गुरु का गौरव बढ़े सदा, यही समाज की शान है,
शिक्षा, संस्कार और सेवा से, बनता भारत महान है।
सम्मान-पत्र और स्मृति-चिह्न, उपलब्धि का प्रमाण हैं,
ऐसे गुरु को शत-शत नमन, आप सचमुच समाज की पहचान हैं।
रचनाकार
कौशल
मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़












