
भारत का वो वीर है, करता याद जहान ।
संकट में थे प्राण जब,रखा देश का मान।।
आतंकी के वार पर,किया पलट कर वार।
घायल होकर भी स्मित,नहीं हुए लाचार।।
नायक भारत के स्मित, लाखों तुम्हें प्रणाम।
युगों युगों तक जगत में,गूंज रहेगा नाम।।
भारत नाम शीर्ष हुआ,रख ली देश की लाज।
गर्वित हर वासी यहाँ, धन्यवाद अरु नाज।।
करते हैं शुभकामना,जल्द स्वास्थ्य लाभ।
लौटें फिर कर्तव्य पर,मुख पर छाए आभ।।
डॉ. नवनीता दुबे नूपुर
मंडला मप्र,मौलिक सृजन












