Uncategorized
Trending

माँ कात्यायनी

माँ कात्यायनी
मनहरण घनाक्षरी छंद

माँ कात्यायनी भवानी, महिमा अति सुहानी,
सिंहवाहिनी तू माता, असुर विनाशिनी।
भक्तों की है हितकारी, दूर करो परेशानी,
करुणा को बरसाती, जग सुखकारिणी।
कात्यायन तपधारी, शक्ति रूप सुखकारी,
माँ स्वर्णिम आभा वाली, बड़ी उपकारिणी।
खड्ग-कमल धारिणी, महिमा है अति भारी,
दुष्ट जनों का संहार, जगत विहारिणी।

अभय-वरदानी माँ, दुःख हरने वाली माँ,
भक्तगणों की बिगड़ी, माँ करे सँवारनी।
श्रद्धा संग दीप जलें, मन में विश्वास पलें,
कृपा-सुधा बरसाकर, दया से निखारनी।
वंदन माँ कात्यायनी, जय माँ दुर्गा भवानी,
सद्बुद्धि करने वाली, आरती उतारनी।
पुकारते भक्त माता, तेरा यश सुखदाता,
तेरी कृपा सब पाएँ, मन से उभारनी


डॉ. सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *