
तांका छंद
मात्रा भार-5, 7, 5, 7, 7
हे शारदे माँ
मन में ज्योति जगा
मिटे अज्ञान
वीणा की मृदु धुन
भरे नव उल्लास।।
श्वेत कमल
करुणा छवि तुम
वाणी की धार
शब्दों में मधुरिमा
सत्य का हो विस्तार।।
ज्ञान की देवी
कृपा दृष्टि कर दो
मातु शारदे
अक्षर से महके
भाव भरे संगीत।।
लेखनी मेरी
तेरी शरण रहे
दे तू आशीष
छंदों में हो सौंदर्य
भरे नव प्रकाश।।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार













