
करवा चौथ का पावन त्यौहार है आया
विवाहित स्त्तियो के मन खूब है हर्षाया
अपनी पति के लंबी उम्र के वास्ते वो सब
विधि विधान से व्रत पूर्ण का मन है बनाया ।
दिनभर वो सभी निर्जला व्रत है रखती
रात को चांद निकलने का इन्तेजार है करती
थाली मे रोली चंदन दीप जल छलनी लेकर
जहां से दिखे चांद,वहाँ पर है पहुंचती ।
दिखते ही चांद को,छलनी के पार से
अपने साजन को मुखडा निहार बडे गौर से
लेकर मन मे ढेर सारे सपने को वो सुहागिन
व्रत को पूर्ण करती है वो पति के हाथ जल पीकर ।
ये सारी गतिविधियो मे मन प्रफुल्लित है होता
जीवन के नैया सही चलने का मन है करता
पौराणिक काल से ही ये करवा चौथ का व्रत
जीवन मे सुख समृद्धि के वास्ते ही है मनाता ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













