
सच, जिंदगी जीने की बेशक कला है
सादगी और अनुशासन ही जीने की कला है
जीवन बड़ा अमूल्य है इसका सही प्रबंधन हमारे जीवन को सुखमय बना सकता है
जीवन में संसार का अनुपम सौंदर्य है भरा हुआ
इसका आनंद तभी ले सकते हैं जब
जीवन जीने की कला को अच्छी तरह समझ लें
अध्यात्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है
यह दिव्य विद्या प्राणी को हर दुःख, कष्ट और चिंता से निजात दिलाकर
आनंद से सराबोर करता है
अतीत की चिंता को हटा दें
रिश्तों को अहमियत दें
दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें
सकारात्मक सोच अपनाना चाहिए,
खुश रहने के लिए जरूरी है कि हम वर्तमान में जीना सीखें
और हर पल को खुशियों के साथ बिताएं
जिंदगी में खुश रहना कोई जादू नहीं है
यह एक सतत प्रयास है
हमें अपने जीवन योग को भी नियमित रूप से शामिल कर लेना चाहिए
इसे हम एक यात्रा भी कह सकते हैं
इसे हम अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाएंगे, उतनी ही खुशी प्राप्त होगी
इसलिए हमेशा खुश रहना सीखें
अपने जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाएं
डॉ मीना कुमारी परिहार













