Uncategorized
Trending

एक चूक जीवन बदल दे

(1)
एक चूक जीवन बदल दे, तो सोचो हर इक बात को,
लालच, क्रोध, अहंकार, छीन ले प्रभु-स्मृति-धार को।
मिटते देर न लगे इस जग में, जो मन भूल संभाल करे,
एक तिल भर विष भी अन्तस में, अमृत को भी काल करे।।

(2)
जैसे तीर कमान से छूटा, लौट के फिर ना आए,
वैसे कर्म जो भूल से हो, वह पश्चाताप ही दे जाए।
संयम का दीप बुझा जो, तब तम ही तम फैल जाए,
एक चूक जीवन बदल दे, शुभ संकल्प मिट जाए।।

(3)
मन था शांत, सहज मार्ग पर, पर वाणी विष बो गई,
एक कटु वचन ने रिश्तों की, सदियों की डोर खो गई।
जीवन में जो क्षमा ना बो पाता, वह दु:ख बन छा जाए,
एक चूक जीवन बदल दे, सुख की भूमि डगमगाए।।

(4)
प्रभु ने जो पथ दिखलाया, वह सरल मगर सीधा था,
पर मोहमाया के जंगल में, मन भटका, औंधा गिरा था।
जागो रे मन! अब भी समय है, चेतो इस संसार को,
एक चूक जीवन बदल दे, मत खोओ अब सत्कार को।।

(5)
हे कृपानिधि, तू ही रखवाला, जब मेरा मन बहक जाए,
प्रभु, तेरे नाम की माला ही, फिर संयम का स्वर गाए।
तेरी शरण में आए जो, तब वह अहंकार को भूल जाता है,
एक चूक जीवन बदल दे, प्रभु आपकी कृपा का इंतजार है।।

योगेश गहतोड़ी “यश”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *