किसी ने कहाँ मिट्टी से मत खेल,
मिट्टी लग जाएगी।
मैंने हँसकर कहाँ,
मिट्टी का पुतला,
मिट्टी का बना इंसान हैं।
मिट्टी से शुरू होती है नींव,
मिट्टी का बना मकान हैं।
मिट्टी के बिन हो जाए,
ऐसा कौन सा काम हैं।
मिट्टी से ही बना इंसान,
मिट्टी में ही दफन हैं।
कविता चौधरी (राजस्थान )













