Uncategorized
Trending

सावन की सुनहरी सुबह

ओस में नहाई भोर आई
फिर धरती मुस्कान लुटाई
हर डाली पे बूँदें झूलें
फूलों ने फिर बात बनाई

मंद पवन ने कानों में
कुछ मीठे संदेश सुनाए
बूंदों की टप टप रागिनी
जैसे सुर बन बजने आए

नभ ने पहना मेघों का श्रंगार
हरियाली दे रही है प्यार
इस पावन सावन की बेला में
खुशियाँ आए हर एक द्वार

सुप्रभात हे प्यारे सभी को
सावन के संग मंगल हो हर दिन
भीगी हवा में महके जीवन
सुख-शांति बरसे बनकर छिन-छिन

डॉ बीएल सैनी
श्रीमाधोपुर सीकर राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *