
धनतेरस की पावन बेला से,
शुरू हुआ दीपों का त्यौहार।
दीपों से सजने लगे हर द्वार,
सुख समृद्धि का हो जीवन में संचार।।
धन की देवी करें सबका कल्याण,
धनवंतरी दें स्वास्थ्य का वरदान।
पूजन करें दीप जलाकर,
पूरे हों सबके अरमान।।
आज खरीदें आज स्वर्ण आभूषण,
पूजन सामग्री या लाएं बर्तन।
भेद नहीं महंगे सस्ते का,
झाड़ू तक को मिलता सम्मान।।
प्रकाश पर्व पर इस बार सभी को,
प्रेम स्नेह की दें सौगात।
कलुष भेद का तम मिट जाए,
नेक कर्मों की फैले उजास।।
हर घर दमके सुंदर दीपों से,
मन में हों बस शुभ विचार।
सेहत,सुख – शांति मिले सबको,
खुशियों से सजे हर घर हर द्वार।।
डॉ.दीप्ति खरे,
मंडला(मध्य प्रदेश)













