
‘ ।। दीपावली ।।
दीपावली से पहले घर के कूड़े करकट बाहर किए जाते हैं ।
साधक अपने भीतर के कामनाएं दूर करते हैं ।
ब्राह्मण आदि नये उपनयन धारण करते हैं ।
‘ शास्त्रों के अनुसार उपनयन की परंपरा सभी वर्णों मैं देखी गई है जिस तरह आज बहुत सारे लोग ब्राह्मण होकर भी जनेऊ नहीं पहनते हैं ।
इसी तरह धीरे-धीरे हिंदू धर्म से लोग जनेऊ पहनने जैसे-जैसे हटते गए तैसे – तैसे धर्म का लोप होता चला गया ।
यज्ञोपवीत पहनने का अर्थ है विज्ञ होना ।
जो नहीं पढ़ा लिखा उसको भी उसके जीवन शैली का अर्थ मालूम होता था जनेऊ धारण करने के माध्यम से ।
जनेऊ धारण करने के —-
षट् °{6}कर्म हैं ।।
1- पवित्री करण
2- शिखा बंधन
3- आचमन
4- प्राणायाम
5- न्यास
6- देवी देवताओं का
आवाहन पूजन और जाप ।।
इतना करने के बाद हर व्यक्ति हर हिंदू फिर अपने कार्य में लगता था । यह दो टाइम होता था खास करके ।
एक तो होता था दिन निकलने के पहले और एक होता था समयानुसार कुछ लोगों को दिन डूबने से पहले ।
और जो नहीं कर पाते थे संध्या,
तो उस समय उनके लिए संध्या,
10 बजे रात की बात बताई गई है ।।
क्योंकि हार्डवेयर अर्थात शरीर
और सॉफ्ट वेयर अर्थात मस्तिष्क
जिसके यह दोनों इसके ठीक हैं
वही इस संसार में अपनी कुशलता का परिचय दे पाता है ।।
और जिसमें यदि मस्तिष्क अर्थात सॉफ्टवेयर नहीं ठीक है ,
तो हार्डवेयर ठीक ही नहीं रहेगा ।।
हार्डवेयर अर्थात शरीर नहीं ठीक है तो सॉफ्टवेयर {मस्तिष्क} में समस्या रहेगी ।।
और ***
जिसका यह दोनों ठीक है उसी का यह संसार है ।।
और इसीलिए सभी को जनेऊ धारण करना चाहिए ।
सभी को प्रतिदिन साधना करनी चाहिए ।
कम से कम 20 मिनट अधिक से अधिक 30 मिनट प्रातः काल
और सायंकाल —
सायंकाल इसका आधा समय अर्थात 15 मिनट आप जप व ध्यान कर लें तो, भी आपके विकास का क्रम ठीक रहेगा ।।
इसलिए जनेऊ अवश्य पहनें, साधना करें ।।
मौज लेने की तरफ ना जाएं, ।।
पटाखे फोड़ने की तरफ ना जाएं ।।
कुत्ता पालने की तरफ ना जाएं ।।
हिंदू के लिए कुत्ता और साई पालना पूजन करना सर्वाथा अनुचित
अपना सारा शक्ति समय व धन, अपने परिवार की रक्षा के लिए, खर्च करें ।।
दिखावा मे धन खर्च नही करें ।।
आप सभी इसके बाद जानें,
पांचो तत्व क्या है ??
इसको कैसे समझना चाहिए हमें ।।
इसी क्रम में बताया जाएगा की, दोनों कानों पर जनेऊ कैसे चढ़ाया जाता है ।। ।।
विशेष जानकारी के लिए सम्पर्क करें — 9455404527
हरिकृपा मंगल कामना ।।
क्र’म’शः
निवेदन– विद्वत जन कृपया किसी भी टिप्पणी पर अपना समय व्यर्थ ना करें ।।













