
साउथ अफ्रीका की धूप में,
एक राह पर दो छायाएँ चलीं।
गांधी और कालनबैक —
मन के गहरे बंधन में बसी,
आध्यात्मिक मित्रता,
सद्भाव और सत्य का रंग पली।
हर्मन ने दी ज़मीन,
एक हजार सौ एकड़ से भरी,
टॉल्स्टॉय फार्म बना वहाँ,
जहाँ श्रम, समानता और साधन की डोर थमी।
दोनों ने गढ़ा आश्रम,
सत्याग्रह की मिसाल बनी,
मन और विचारों का मेल,
समाज और न्याय के लिए चली।
सोलमेट कहा गया एक को,
पर अर्थ था आत्मा का संग,
प्रेम नहीं इस धरती पर,
बल्कि विचारों का गहन अंग।
धूप में भी छाया बनी,
मित्रता की अनमोल कहानी,
जमीन, जीवन और आदर्श ने
छोड़ी इतिहास में निशानी।
आर एस लॉस्टम













