
सूर्य देव के पूजन का, यह है पर्व महान
सूर्य देव की कृपा से बनते बिगड़े काम।।
उदय काल से सूर्य की पूजा से प्रारंभ
सूर्यास्त तक व्रत करे यह छठव्रत का धर्म
प्रथम दिवस नहाए खाए का खरना से आरंभ
सूर्यास्त में अर्घ्य दे , सूर्योदय व्रत अंत।।
कार्तिकेय अर्धांगिनी , है छठी माता नाम
सुख सौभाग्य प्र।दयानी बनाए बिगड़े काम।।
सूर्य देव का नाम ले कार्तिक मास महान,
छठ के दिन यह व्रत करें खाए नहाए जान।।
सजा बांस की टोकरी गन्ने का रस साथ
पावन जल में पहुंचकर शुरू करें उपवास।।
।घर आंगन हो सुगंधित,पावन हो परिवेश,
भक्ति में डूबी व्रती , मन में प्रेम विशेष।।
मनसा वाचा कर्मणा जीवन करती शुद्ध
चार दिवस तक व्रत करें हो प्रौढ़ा या वृद्ध।।
जय-जय छठी मइया प्यारी, जय हो सूर्य भगवान,
सुख-शांति, समृद्धि दे ,करें सबका कल्याण
पुष्पा पाठक छतरपुर मध्य प्रदेश













