
शीर्षक– भारत के वीर
तुम हो नन्हे बालक
तुम भारत के वीर हो
अपने हाथों से लिखोगे
भारत की तकदीर हो
तुम्हीं रचोगे इतिहास
इस मातृभूमि का
तुम्हीं आने वाले कल
इस भारत की तस्वीर हो
तुम्हीं लिखोगे स्वर्ण अक्षर
में नाम भारत का
तुम्हीं कल के बनोगे महान कबीर हो
हर प्यासे की प्यास मिटाना
तुम्हीं जहां के नीर हो
चमक अपनी अलग बनाना
तुम्हीं कल के जहीर हो
दया दान और धर्म पहचान हमारी
बनो तुम्हीं कल के दानवीर हो
कर्म अपना सदा ही करना
तुम्हीं कल के कर्मवीर हो
सोच से अपनी बदलना इस संसार को
तुम्हीं कल के महावीर हो
लक्ष्य स्पष्ट हो अपना
बनना बर्बरीक के वो तीर हो
वीरता साहस और पराक्रम से रखना मान सदा
तुम्हीं कल के रघुवीर हो
प्रिया काम्बोज प्रिया,
सहारनपुर उत्तर प्रदेश













