
रचना- आदिवासी वीर सपूत
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) जिला सिवनी म. प्र.
15 नवम्बर का हैं यह शुभ दिन,
वीर सपूत बिरसा मुण्डा का जन्म हुआ l
जल, जंगल , जमीन और देश के खातिर,
बिरसा मुण्डा जी ने अपना बलिदान दिया ll
अंग्रेजो के विरुध बिरसा जी ने,
तीर कमान को थाम कर l
देश के दुश्मन को ललकारा,
अपना सीना तानकर ll
हर भारतवासी याद करेंगे,
इतिहास उनका जानकर l
भारत के गौरव बने हैं,
देश के लिए अपने प्राण बलिदान कर ll
झुका नही वह बिका नही,
लड़ता रहा तूफान बन l
अंग्रेजों से कभी डरा नही,
और लड़ता रहा अंग्रेजो का काल बन ll
बिरसा जी का सपना था आजादी,
भूमि पुत्र गया कमाल कर l
संघटन की नीव बने,
अपनी कुर्बान दे समाज का उत्थान कर ll













