
जिनकी कलम ने भारत के विधि का नया विधान लिखा,
एक नए भारत के आगे बढने का संविधान लिखा,
किस दिशा में जाना है भारत को आने वाले कल में,
संविधान सभा ने शब्दों में भारत की नई उड़ान लिखा ।
संविधान सभा ने बड़ी लगन से देश का संविधान निर्मित किया,
भविष्य में भारत की दशा दिशा का रेखाचित्र प्ररूपित किया,
विश्व में भारत नाम का नव सूर्य इस दिन से उदित हुआ ,
२६ जनवरी १९५० को संविधान लागू कर गण का तंत्र स्थापित किया!
दो बरस और ग्यारह माह अठारह दिन का तप रहा,
दिन रात का भेद ना देखा हर पल एक ही लक्ष्य रखा,
बाइस भागों में अनुच्छेद तीन सौ पचास, आठ अनुसूची रखी,
छब्बीस नवंबर को भारत में संविधान दिवस का जश्न मना!
देश में सभी नागरिकों को एक समान अधिकार मिले,
दबे कुचलों को उठ खड़े होने को आधार मिले,
ना हो शोषण यहां किसी भी जाति और समुदायों का,
देश के कानून में सबको न्याय का समाधिकार मिले ।
आम्बेडकर जी ने शोषित जन को नया रास्ता दिखलाया,
संविधान के प्रथम पृष्ठ पर “महावीर वाणी” को अपनाया,
जिनके दिल में सबके प्रति इतनी करूणा स्नेह भरा,
आज़ादी के अमृतकाल में भारत सच्चा विश्व गुरु कहलाया!
विरेन्द्र जैन माहिर
वड़ोदरा गुजरात












