
जिन्दगी चलायमान है
रुकना नहीं इसका काम है
गतिशीलता ही जिन्दगी का पर्याय है
नित नये परिवर्तन ज़िंदगी के नये अध्याय है
गतिशीलता से परिवर्तन का तालमेल ही जिन्दगी की निरंतरता को साधती है
अनुकूलता की परिधि मे जिन्दगी के लक्ष्यों को मापती है
जिन्दगी का वेग समय की गतिशीलता से ही संचालित होता है
समय के अनुरूप ही ज़िंदगी मे ठहराव का पूर्ण आभाष होता है
उचित समय पर लिये गये निर्णयों से जिन्दगी की उचित दिशा तय होती है
दिशानुरूप चलायेमान ज़िन्दगी से जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है
समय जीवन चक्र को परिभाषित करने का एक माध्यम है
युग नियंताओं को मार्ग प्रशस्त करने का एक साधन है
जीवन मे आये हो तो चलना ही हमारा ध्येय है
परिवर्तनशील समय को स्वनुरूप साधना ही उद्देश्य है
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र











