मातृ भाषा रत्न’ मानद उपाधि सम्मान-2026′ एवं ‘संत मीराबाई नव उदय सम्मान से सम्मानित डॉ ‘अनुमेहा

मुलताई/बैतूल :- बैतूल जिले के वरिष्ठ साहित्यकार स्व. नरेन्द्र पाल सिंह पुण्डीर की साहित्यकार सुपुत्री डॉ पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ को शब्द प्रतिभा बहुउद्देश्यीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल द्वारा अंतराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस 21 फरवरी के अवसर पर मातृ भाषा सेवा के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यो का मूल्यांकन करने के उपरांत ‘मातृ भाषा रत्न’ मानद उपाधि सम्मान-2026 में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है। साथ ही दिसम्बर 2025 में आयोजित नव उदय प्रकाशन ग्वालियर, मध्यप्रदेश द्वारा डॉ अनुमेहा को ‘संत मीराबाई नव उदय सम्मान’ से मोमेंटों एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। यह आयोजन जयपुर, राजस्थान में आयोजित किया गया। जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर नृत्य, गायन, साहित्य एवं कला में बहुमूल्य योगदान देने पर 250 लोगों को सम्मानित किया गया है। डॉ पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ को साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान देने पर सम्मानित किया गया है।
अभी हाल ही में उनके काव्य संग्रह ‘उच्छ्वास की सांस’ को विश्व पटल पर पहचान मिली है। जिसमें उनकी कविता संग्रह को पेंटागन वर्ल्ड रिकॉर्ड प्राप्त हुआ है।
वे अपनी इन उपलब्धियों से बहुत खुश है। 75 से अधिक आलेख एवं 450 से अधिक साझा काव्य संकलनों में अपनी रचनाओं द्वारा उन्होंने देश-विदेश में सहभागिता की है। साथ ही उनकी अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है, एवं पांच पुस्तकें प्रकाशनार्थ है।
डॉ अनुमेहा ने अपने साहित्य के द्वारा उन्होंने अपने प्रदेश एवं देश का नाम उज्ज्वल किया है।
सैकड़ों सम्मानों से सम्मानित डॉ पल्लवी इस सबका श्रेय अपने माता-पिता को देती है।












