जयपुर के कवि सूर्यपाल नामदेव चंचल नेपाल में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत

जयपुर के वरिष्ठ कवि, लेखक एवं विचारक सूर्यपाल नामदेव चंचल को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर ‘शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल’ द्वारा प्रदान किया गया।
यह गरिमामयी सम्मान नेपाल-भारत मैत्री को सुदृढ़ करने तथा देवनागरी लिपि एवं हिंदी-नेपाली भाषाओं के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत दिया गया। कार्यक्रम में नेपाल, भारत सहित पांच देशों की लगभग एक हजार साहित्यिक एवं शैक्षिक विभूतियों को सम्मानित किया गया। सूर्यपाल नामदेव चँचल को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, सामाजिक एवं शैक्षिक योगदान के लिए यह अंतर्राष्ट्रीय उपाधि और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मान मिलने पर साहित्यिक जगत में हर्ष का माहौल है। उनके कई लेख एवं कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं तथा वे विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा कि चंचल जैसे संवेदनशील रचनाकार का यह सम्मान पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए गौरव का विषय है।
कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार एवं नवभारत वार्ता परिवार चँचल जी को भविष्य हेतु मंगलकामनाएं प्रेषित करता है।











