
जीवन सुख दुख से भर पड़ा
इससे सम्मुख करता हर दिन
कुछ समय जीवन हंसता रहता
और कुछ समय रोना पड़ जाता
इसे मेरी आंखों से आंसू छुप से आता।
जीवन में अधिक सुख होने से
बहुत दिनों के बाद मित्र मिलने से
अचानक जीवन में लक्ष्य पाने से
जीवन में मेरी सपना साकार होने से
इसे मेरी आंखों से आंसू छुप से आता।
जीवन में कीर्ति गौरव पाने से
कम समय में पैसे कमाने से
दूसरों के दुखों को मिटाने से
ज्यादा से ज्यादा प्रेम बढ़ाने से
इसे मेरी आंखों से आंसू छुप से आता।
श्रीनिवास यन,आंध्रप्रदेश











