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 दो बार मृत्यु और जीवन की वापसी मेरी

ध्यान मे रखते हुए दुबई में नोबल प्राइड अवार्ड – 2025 से नवाजा गया 

प्रो. डो. इश्वर भरडा प्रिन्सिपल राम बा बीएड जिन्होंने प्रोत्साहन देकर सम्मान के लायक बनाया है 

प्रो भरडा साहब ने बताया कि डॉ पटेल एक बहुत ही उम्दा साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी थे. 

जिला शिक्षण तालीम भवन में मेरे सह कर्मचारी थे. इन्होंने व्यसन मुक्ति अभियान पोरबंदर से ही चलाया था. डॉ पटेल ने 350 से अधिक स्कूल एवम कॉलेज में आत्म हत्या निवारण जागरूकता अभियान भी चलाया था. साथ में महिलाओ के लिए ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान महिलाओ के लिए चलाया गया था. पोरबंदर मे तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इन्हें सन्मानित किया था 

सांदीपनि आश्रम के पूज्य श्री रमेश भाई ओळा जी ने भी गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर सम्मानित किया गया था 

मेरे जीवन में 500 से अधिक पुरस्कार और सम्मान मिले। 

गुजरात गवर्नमेंट ने संत कबीर साहित्यिक एवॉर्ड रूपिया एक लाख की धन राशि के साथ सम्मान पत्र प्रदान किया गया था. 

मेरी सात हिंदी और सात गुजराती पुस्तकें प्रकाशित हुईं। मेरा काम बच्चों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणा बन सका, तो मैं सफल हूँ।

मैं जानता हूँ कि अब मैं इस संसार को छोड़ रहा हूँ, पर मेरा विश्वास है कि मेरा विचार, मेरी रचनाएं, मेरा सेवा भाव अमर रहेंगे। मुझे अपने परिवार, मित्रों, और देश के लोगों पर गर्व है, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।

मेरा संदेश यही है कि जीवन चाहे कितना भी कठिन हो, कभी हार मत मानो। मौत से डरना नहीं, बल्कि जीवन को पूरी निष्ठा से जीना है। मुझे दो बार जीवन मिला, और मैं उसे समाज की सेवा में लगा दिया।

डॉ. गुलाबचंद पटेल

कवि लेखक अनुवादक 

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