
पिता जिनके सीताराम हैं,
उनकी माता जगरानी देवी है।
आजाद जिसने नाम बतलाया,
उसने आजादी की अलख जगाई है।।
झबुआ जिले के भावरा गांव में,
२३जुलाई १९०६ को जन्म हुआ।
आभा से जिसका शीष हैं चमके,
आजाद रहने की कसम खायी हैं।।
जिसे शीष झुकाना पसन्द नहीं,
जेलों के बंधन की आदत नहीं।
वो जब तान के सीना यूं चलता है,
उसके लाचारी का कोई काम नहीं।।
हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी का,
उसने भगतसिंह संग पुनःनिर्माण किया।
गौरों के खजानें में नित सेंध लगाकर,
वो क्रांतिकारियों का साहस बढाता रहा।।
काकोरी घटना में जो आगे रहा,
वो गौरो को आंंतकित करता रहा।
आजीवन गौरो से वो लड़ता रहा,
वो आजाद था आजाद ही रहा।।
स्वरचित,मौलिक,अप्रकाशित है।
मुन्ना राम मेघवाल।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।
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