
कहीं तुम भूल न जाओ,
कुछ कहना जरूरी है ।
हमें तुम भूल न जाओ,
बताना ये जरूरी है,,।।
एक बात,,,,
किसी को कुछ नहीं कहना
समझना ये जरूरी है,, ।
नए दौर में, चमक धमक में
हमें तुम भूल न जाओ,
बताना यह जरूरी है,,,।।
कहीं तुम, गफलत में,,
भूल जाए अब सब कुछ,
बात कहना ये जरूरी है,,।
किसी को कुछ नहीं कहना
समझना ये जरूरी है,,,।।
बहुत समझा है अब इंसा
नया जमाना आया है,,,
कहे कुछ ना किसी को भी,,,।
अब ,दौर नया यह आया है,,,।
किसी को कुछ नहीं कहना
समझना ये जरूरी है,,,
गुजरा वक्त जमाने का
क्या कहता है,,,
अब ये समझना है,,,।
कहे कुछ ना किसी को भी,,, नसीहत यह जरूरी है,,,,।।
कहै किसको पराया हम,
और कहे किसको हम अपना,,,
बताना ये जरूरी है,,,।
बिना समझे कहे, कुछ ना किसी को भी,,,
बताना यह जरूरी है।।
किसी को कुछ नहीं कहना
बताना यह जरूरी है,,,,
नस् ल यह है , बहुत नाजुक,, फूलों सी ,कलियों सी,,,।
कहीं फिर से ना मुरझा जाए,,,
बताना यह जरूरी है।।
ये रिश्तो की डोरी,
कहीं टूटे ना जाऐ ,फिर से ये नया जमाना है,,,।
सवारे प्यार से इसको,,
विश्वास में लेकर,,,
बात बताना यह जरूरी है।।
किसी को कुछ नहीं कहना
समझना यह जरूरी है,,,,
राजेंद्र कुमार तिवारी
मंदसौर











