
विधा- कविता
शीर्षक- रंगो का त्यौंहार
रंगो का त्यौंहार है होली,
खुशियों की बौछार है होली l
रंग-बिरंगे रंगो से खेलो,
मधुर मिलन की होली ll
होली का त्यौंहार,
ऐसी खुशियाँ लेकर आया l
इसीलिए तो यह त्यौंहार,
हमारे देश का जीवंत पर्व कहलाया ll
भक्त प्रह्लाद के साथ-साथ,
राम-कृष्ण से नाता है l
गायन-वादन संग राग-रंग,
फाग में खुशियाँ लाता हैं ll
मुख पर हास मन में उत्साह,
वचनों में परिहास मधुर l
भाव भंगिमा, चिवतन नयनों की,
निर्मल, शीतल धार हो जरूर ll
रचनाकार – नंदकिशोर गौतम ( माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, कुरई, जिला सिवनी, म. प्र.











