
हमें तो कुछ ना कहना है
कहीं फिर वो ,अपने पे न आ जाए,,।
है ,आज भी बहुत गर्म हवाएं,,,
फिर कहीं हम झूलस ना जाएं,,,।।
हमें तो कुछ ना कहना है,,1
जमाने में किसी को कुछ कहना ही जुल्म है,,,।
बचा है वजूद ये, आखिर अब हमारे लिए ।।
हमें तो कुछ नहीं कहना है,,2
हम कहने पेआ जाएं तो
कह दे बहुत कुछ बेशक
मगर शराफत यह है कि हम किसको कुछ नहीं कहते,,
देखना जमाना,,
जो, हर जुल्म पे साथ, उनका ही देता है,,,।
चाहे वो कुछ भी कह दे, फिर भी हर वक्त उनका ही होता है,,।।
हमें तो कुछ नहीं कहना है,3
कहीं हम बुज दिल तो नहीं,,,
अब मुकाबला उनका हम नहीं करते,,,।
मगर ,सच यह है कि, अब हम उनके मुंह नहीं लगते,,,
हमें तो कुछ नहीं कहना है,4
कहीं वो फिर अपने पे न जाए,,
है आज भी बहुत गर्म हवाएं, , फिर कहीं हम झूलस ना जाएं
हमें तो कुछ नहीं कहना है,,
राजेंद्र कुमार तिवारी
मंदसौर मध्य प्रदेश











