
ये हंसी, ये नजाकत
कहीं खो जाएगी।2
ये यौवन, ये अदा
कहीं रह जाएगी ।।2
देखते, देखते
तू बदल जाएगा।
ये जमाना भी
तुझे देखता रहेगा। ।
ये हंसी,
ये नजाकत,,
कहीं खो जाएगी,,,1
ये बचपन
ये जवां दिल ,
ये ठहाके
देखते, देखते
कहीं खो जाएंगे,,,।।
ये हंसी
ये नजाकत
कहीं खो जाएगी,,2
मत कर गुरुर
इस फना दुनिया पे,,
मैं भी ना हूं,,
और तू भी ना रहेगा,,,।।
ये हंसी
ये नजाकत,
कहीं खो जाएगी,,।2
ये यौवन
ये अदा,
कहीं रह जाएगी,,।।२
राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर ,मध्य प्रदेश












