
आओ सुनाएं त्रिशला नंदन महावीर
जी की कहानी
सुनी है जो मैंने औरों की जुबानी
599 ईसा पूर्व बिहार राज्य के वैशाली जिले के कुंडलपुर गांव में जन्म लिए
उनका जीवन सत्य, अहिंसा और तपस्या का अद्भुत मिसाल है
महावीर जैन धर्म के संस्थापक,
अंतिम तीर्थंकर थे
उन्होंने सत्य अहिंसा का दिया, जग को संदेश
धर्म का मार्ग दिखाया, मिटाया हर क्लेश
त्रिशला नंदन के उपदेशों पर चले सारा संसार
कम उम्र में संसार त्याग कर संन्यासी बन गए
बोधि वृक्ष की छांव में किया तप व ध्यान
सनातन संस्कृति के संग जय जिनेंद्र की राह चले
स्वयं को समर्पित कर दिया, दिया जगत को ज्ञान
जंग कभी लड़े नहीं फिर भी जग को
जीत लिया
जियो और जीने दो का नारा गूंजा
हर घर द्वार
उनका जीवन सत्य अहिंसा और तपस्या का अद्भुत मिसाल है
महावीर जयंती जैन धर्म के महत्वपूर्ण त्योहार में एक है
यह भगवान महावीर के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है
महावीर जयंती न केवल जैन समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणादायक है
भगवान महावीर की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी पहले थी
हे त्रिशाला नंदन महावीर, देश की है पुकार, फिर से धरा पर को अवतार
उनकी राह पर चलकर आओ हम तोड़े भौतिक बंधन
आओ नमन करें हम उसे वीर को
जो स्वामी कहलाए
धन्य है यह धरती, वीर महावीर जन्मे यहां
महावीर है जिनका नाम, अहिंसा है जिनके नारा
ऐसे त्रिशला नंदन को कोटि-कोटि नमन!!
डॉ मीना कुमारी परिहार













