
बैसाख पूर्णिमा का पावन उजियार,
धरती पर फैला शांति का विस्तार।
जग में करुणा का दीप जला,
बुद्ध का संदेश हुआ साकार।।
लुंबिनी वन में जन्मे सिद्धार्थ,
सत्य की खोज में बढ़े निरंतर।
त्याग दिया राजसुख, वैभव सारा,
चुना उन्होंने तप का पथ अंतर।।
बोधिवृक्ष तले ध्यान लगाया,
मिट गया अज्ञान का अंधियारा।
ज्ञान ज्योति से जगमग जग,
जीवन का पाया सच्चा सहारा।।
अहिंसा, प्रेम, दया का संदेश,
हर प्राणी में देखें एक प्रकाश।
मध्यम मार्ग अपनाकर चलो,
यही है जीवन का सच्चा विश्वास।।
क्रोध, लोभ, मोह को त्यागो,
मन में निर्मलता को बसाओ।
बुद्ध वचन बनें जीवन आधार,
हर पल सत्य का दीप जलाओ।।
बुद्ध पूर्णिमा का यह शुभ दिन,
दे शांति का अनुपम उपहार।
हर हृदय में करुणा खिल उठे,
मिटे जगत से हर अंधकार।।
आपको बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार













